कोर्ट की फटकार और कांग्रेसियों के विरोध का असर, कलेक्टर ने अस्पतालों के लिए ये कदम उठाया

गैर-सार्वजनिक अस्पतालों में, मनमानी शिकायतों के लिए प्रस्ताव लंबित है

जबलपुर। उच्च न्यायालय और कलेक्टर द्वारा गैर-सार्वजनिक अस्पतालों की मनमानी चुनौती का हवाला देते हुए चार्ज रिकॉर्ड की चुनौती पर कांग्रेसियों के विरोध के बाद जिला प्रशासन जाग गया है। अब यह निर्धारित किया गया है कि गैर-सार्वजनिक अस्पतालों की निगरानी दूसरे द्वारा की जा सकती है। इसके लिए जिला स्तर पर एक निगरानी समिति का गठन किया गया है।

बता दें कि पिछले दिनों दो दिन पहले हाईकोर्ट ने गैर सरकारी अस्पतालों की मनमानी को लेकर मूल प्रशासन पर नाराजगी जताई थी। इसे लेकर कांग्रेसियों का एक प्रतिनिधिमंडल कलक्टर से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने जबलपुर के अस्पतालों में पीड़ितों के वित्तीय शोषण पर आपत्ति जताई थी। इसी समय, कलेक्टर द्वारा जारी किए गए चार्ज रिकॉर्ड के बारे में दिया गया डेटा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिस पर कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि उनकी ओर से अस्पतालों के लिए कोई चार्ज रिकॉर्ड जारी नहीं किया गया है। इसके बाद, कांग्रेसियों ने अस्पतालों की लूट की कवरेज को तुरंत रोकने की चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर लगातार आदमी के शोषण को रोका नहीं जाना चाहिए, तो बड़े पैमाने पर गति को रोका जा सकता है।

इन दोनों घटनाओं का संज्ञान लेते हुए, कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने हर दिन गैर-सार्वजनिक अस्पतालों की मनमानी के बारे में शिकायतों की समीक्षा की। गैर-सार्वजनिक अस्पतालों की आम निगरानी के लिए बनाई गई समिति। कलेक्टर ने इस निगरानी समिति को हर दिन अस्पतालों में जाने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने अतिरिक्त रूप से हर दिन सामान्य निरीक्षण समीक्षा प्रस्तुत करने का अनुरोध किया है। अब, अगर कोई गड़बड़ी अस्पताल में मौजूद है, तो अस्पताल प्रशासन की ओर से प्रस्ताव को शामिल किया जा सकता है।

गैर-सरकारी अस्पतालों को देखने के लिए नियुक्त किए गए मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक और विभिन्न अधिकारी देर रात कलेक्टर कार्यालय में आयोजित सभा में शामिल हुए। उन्हें निर्देश दिया गया कि वे प्रत्येक दिन गैर-सार्वजनिक अस्पतालों में भर्ती कोरोना पीड़ितों के उपाय देखें। हर दिन अस्पतालों में भर्ती सभी कोरोना परिस्थितियों की समीक्षा करें। अस्पतालों में कोरोना पीड़ितों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा भी की जा सकती है।

अतिरिक्त कलेक्टर हर्ष दीक्षित, सीएमएचओ डॉ। रत्नेश कुररिया, मेडिकल कॉलेज के पल्मोनरी मेडिकल विभाग के हेड डिपार्टमेंट डॉ। जितेंद्र भार्गव विधानसभा में अतिरिक्त रूप से मौजूद हैं।









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