ग्रामीणों ने खेत तालाब के नाम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया

ग्राम पंचायत सुजारा में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। शिकायतों के बावजूद कोई प्रस्ताव नहीं लिया जा रहा है।

टीकमगढ़ / बल्देवगढ़.ग्राम पंचायत सुजारा में, भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। शिकायतों के बावजूद कोई प्रस्ताव नहीं लिया जा रहा है। ग्राम पंचायत सुजारा में जवाबदेह अधिकारियों की मिलीभगत से अनियमितता बरती जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, गाँव में सरकार द्वारा संचालित योजनाओं में भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है। पंचायत में निष्पादित सभी कार्यों में भारी अनियमितता बरती जा रही है। सुजारा निवासी महेंद्र लोधी, रामस्वरूप लोधी, दामोदर लोधी, मनु लोधी, धनीराम लोधी ने उल्लेख किया कि जिला अधिकारियों और सुजारा सरपंच विमलेश अहिरवार और रोजगार सेवक राकेश अहिरवार की मिलीभगत से अधिकारियों के साथ हजारों रुपये की ठगी की जा रही है।
इन दिनों गाँव में रोजगार आश्वासन द्वारा अधिकृत खेत तालाब का विकास शांति रजक के नाम से अधिकृत किया गया है। एक खेत तालाब का निर्माण किया जा रहा है, हालांकि यह सीमा उस हद तक बदल गई है, जिस जमीन पर विकास कार्य किया जा रहा है वह भूमि के हल्के हिस्से में नहीं आती है। यह भूमि बलदेवगढ़ जिले की ग्राम पंचायत लामेरा हरपुरा माता में है। तालाब को थोड़ा मिट्टी दिया गया था। अधिकारियों ने अतिरिक्त शुल्क में उसका मूल्यांकन किया। ग्रामीणों ने इस मामले की जांच की और दोषियों के खिलाफ गति की मांग की।

पूर्व में भी सुजारा ग्राम पंचायत में घोटाले को अंजाम दिया गया
रोजगार गारंटी योजना के तहत 2019 में ग्राम पंचायत सुजारा देव बाबा पहाड़ी पर मुक्तिधाम का निर्माण किया जाना था। इस पर सरपंच विमलेश अहिरवार और रोजगार सहायक राकेश अहिरवार ने सामूहिक रूप से खरीदारी की और लाखों रुपये का नकली मस्टर रोल तैयार किया। मौके पर किसी काम को अंजाम नहीं दिया गया। इस मामले में शिकायत बढ़े हुए अधिकारियों से की गई थी लेकिन किसी के कान पर जूं नहीं रेंगी।
उच्च गुणवत्ता वाले सीसी राजमार्ग का निर्माण
ग्वाल बाबा के पास और देशराज लोधी के घर से रामदयाल अहिरवार के घर तक पंच परमेस्वर योजना के तहत चार लाख 43 हजार के मूल्य पर और रामदीन के घर से भगवान के घर तक एक गुणवत्ताविहीन सीसी राजमार्ग का निर्माण किया गया था। उसी का नतीजा है कि 5 महीने में ही सीसी रोड का बैलट सामने आ गया।
वे कहते हैं
यदि सुजारा ग्राम पंचायत में रकम का दुरुपयोग किया जा रहा है, तो यह अनुपयुक्त है। सभी कार्यों की जांच हो सकती है और दोषियों की ओर गति बढ़ सकती है।
चंद्रसेन सिंह, जिला सीईओ, टीकमगढ़।
लेमरा ग्राम पंचायत से किसी भी खेत तालाब के लिए सुजारा ग्राम पंचायत को स्वीकृति नहीं दी गई थी। सुजारा टीकमगढ़ जिले में आता है और लामरा बल्देवगढ़ जिले में है। इसलिए, अगर सुजारा के सरपंच द्वारा लामेरा लता में एक खेत तालाब का निर्माण किया जा रहा है, तो यह अनुपयुक्त है। वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले से अवगत कराया जा सकता है।
सोनू चढ़ार, सचिव, ग्राम पंचायत लामेड़ा

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